दुश्मन की औकात शायरी उस जज़्बे और ताकत को बयां करती है जो हम अपने विरोधियों के सामने दिखाते हैं। यह शायरी दुश्मनों को उनकी हकीकत और सीमाओं का एहसास कराती है। इसमें वो अंदाज होता है जो दुश्मनों को अपनी औकात से रूबरू करवाता है, और हमारी हिम्मत, ताकत, और हौसले को उजागर करता है। इस तरह की शायरी में आत्मविश्वास और विजयी होने का भाव झलकता है, जो हर चुनौती का डटकर सामना करने की प्रेरणा देता है।
दुश्मन की औकात शायरी | Shayari about the status of the enemy
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दुश्मन सोचते हैं हमसे नफरत करके जीत जाएंगे,
अरे उनकी इतनी औकात कहां कि हमारे कदम डगमगा जाएंगे।
औकात की बात करने वाले खुद ही पीछे हट जाते हैं,
हमसे दुश्मनी क्या निभाएंगे, पहले खुद से तो लड़ पाते।
दुश्मन की चालें चाहे जितनी भी हों तेज,
हमारी औकात का अंदाजा तो वो कभी लगा ही नहीं पाए।
दुश्मनों की औकात सिर्फ बातों में होती है,
हम तो वो हैं जिनकी पहचान सिर्फ अपने कामों में होती है।
जब तक हम खामोश थे, वो खुद को शेर समझते रहे,
अब जब आवाज़ उठाई है, उनकी औकात दिखने लगी है।
दुश्मन चाहे जितनी कोशिश कर ले हमें गिराने की,
उसकी औकात ही नहीं कि हमारे पंखों को काट सके।
औकात की बात दुश्मन तब करता है,
जब उसकी ताकत हमारे सामने बौनी नजर आती है।
दुश्मन की हिम्मत तब टूट जाती है,
जब उसे हमारी खामोशी में छिपी ताकत नजर आती है।
वो खुद को राजा समझते हैं हमारे खिलाफ,
पर उनकी इतनी औकात ही नहीं कि हमें हरा सकें।
दुश्मनी में मजा तब आता है,
जब दुश्मन खुद माफी मांगने पर उतर आता है।
दुश्मन सोचता है कि हम उससे डर जाएंगे,
पर उसे क्या पता उसकी औकात से बड़ी हमारी हिम्मत है।
औकात की बात मत कर दुश्मन,
हम वो हैं जो मिट्टी से भी सोना बना देते हैं।
दुश्मनी का हक वो रखते हैं जिनकी औकात होती है,
तुझसे तो हमारी परछाई भी दूर भागती है।
दुश्मन ने जब भी कोशिश की हमें गिराने की,
हमने हर बार उसकी औकात याद दिला दी।
जो हमारी मुस्कान को हमारी कमजोरी समझते हैं,
उन्हें औकात बताने के लिए हमारी एक नजर काफी है।
दुश्मनों की औकात का हमसे क्या मुकाबला होगा,
वो हमारी परछाई से भी डरते हैं, ये किस्सा पुराना होगा।
जब दुश्मनी करने का इरादा मजबूत हो जाता है,
तब दुश्मनों की औकात दिखने लग जाती है।
मुकाबला करना है तो मैदान में आ, दुश्मनी दूर से नहीं,
नजरों में आकर निभाई जाती है।
वक्त का इंतजार कर, हम भी बदलेंगे,
दुश्मनों को औकात उनकी सही वक्त पर दिखाएंगे।
बहारों की नज़र में फूल और काँटे बराबर हैं,
मोहब्बत क्या करेंगे, जो दुश्मन देखते हैं।
दुश्मनों के दिलों में भी जगह बना ली हमने,
मोहब्बत में तो दोस्त भी बेवफा हो जाते हैं।
तूने मुझे समझा ही नहीं, ये तेरा गुमान था,
मोहब्बत की जगह तूने दुश्मनी चुना था।
दिल के जख्म भी दिखाते हैं कुछ कहानी,
दुश्मनों से प्यार करना हमारी ही नादानी।
तूने तो दोस्ती में दुश्मनी तलाश ली,
मोहब्बत क्या समझेगा, तूने तो दिल ही जला ली।
तू दुश्मन भी है तो कोई ग़म नहीं,
मोहब्बत से बढ़कर तुझमें भी दम नहीं।
दुश्मनी में भी हमने वफा निभाई है,
मोहब्बत वालों ने तो हर राह भटकाई है।
तू दुश्मन बनकर आया, पर प्यार सिखा गया,
मोहब्बत का दर्द क्या होता है, ये बता गया।
दुश्मन हो या दोस्त, फर्क हमें नहीं पड़ता,
मोहब्बत की राह में कौन सच्चा ये वक्त बताता।
तेरी दुश्मनी का मोल क्या, जब दिल ही बेकार है,
मोहब्बत में खुद को खोना ही सबसे बड़ा व्यापार है।
दुश्मनी और मोहब्बत का ये खेल पुराना है,
दोनों में हारने वाला ही सच्चा दीवाना है।
मोहब्बत की जगह तुने दुश्मनी से काम लिया,
दुश्मन बनकर तूने अपना ही नाम मिटा दिया।
🔥⚔️ दुश्मन की असली औकात शायरी with emojis
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दुश्मन की औकात क्या, हमें हराना आसान नहीं,
💪 हमारी ताकत का अंदाजा किसी की सोच से परे है।
औकात की बात मत कर दुश्मन,
🔥 हम वो हैं जो मिट्टी से भी सोना बना दें।
दुश्मन हमारी हिम्मत से हैरान है,
⚔️ उसकी चालों में अब कोई जान नहीं है।
दुश्मनी निभानी है तो दिल बड़ा रखना,
💥 वरना तेरी औकात हमारी परछाई से भी छोटी है।
दुश्मन की चालें चाहे जितनी भी हों,
⚡ हमारी हिम्मत के आगे उसकी औकात कुछ भी नहीं।
औकात दिखाने का शौक है उसे,
🔥 लेकिन हमारी खामोशी से वो खुद जल जाएगा।
दुश्मन को लगता है वो हमें रोक देगा,
🚀 उसे नहीं पता हमारी उड़ान उसकी सोच से भी ऊंची है।
जो दुश्मनी में आगे हैं, औकात में पीछे रह जाते हैं,
⚔️ हमारी जीत उनके सपनों से भी बड़ी है।
दुश्मन चाहे जितनी कोशिश कर ले,
💪 हमारी ताकत उसकी सोच से कहीं आगे है।
दुश्मन की औकात हमारी नजरों में कुछ भी नहीं,
👑 हमने हमेशा बड़े दिल से माफ किया है।
हमारे दुश्मन हमें गिराने की कोशिश करते हैं,
🔥 लेकिन उनकी औकात सिर्फ देखने लायक है।
दुश्मन की नजरों में हमारी कीमत कम है,
⚔️ लेकिन हमारी हिम्मत उसके सपनों से ज्यादा है।
दुश्मनी का जज्बा तो रखता है वो,
💥 पर उसकी औकात हमारी परछाई तक पहुंचने की नहीं।
औकात की बात छोड़, पहले खुद को देख,
🛡️ हमारी जीत से तेरा हर सपना टूट जाएगा।
दुश्मन की औकात बस बातों तक सीमित है,
💥 हमारे कदमों की आहट से ही उसकी हिम्मत खत्म है।
औकात दिखाने का शौक तो सब रखते हैं,
⚔️ पर हमारी चुप्पी में छिपी ताकत समझना सबके बस की बात नहीं।
दुश्मनी में मजा तब आता है,
🔥 जब दुश्मन खुद अपनी हार की वजह ढूंढता रह जाता है।
वो हमें हराने के सपने देखता है,
🚀 पर उसकी औकात हमारी उड़ान के सामने छोटी पड़ जाती है।
दुश्मन चाहे जितनी चालें चल ले,
💪 हमारी औकात उससे कहीं ऊपर है, उसे ये समझने में वक्त लगेगा।
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